मारा रे मारा – बारा के बारा

साल बीत गए – रितु आ के गए
युग जग चले – जीवन काढ़े हुए

आसू जलने लगे – हवा बिजिली बने
बात गाने बने – लोहे फिगले हुए

तीर खाते चले – खून बहता गया
मार खाते बढे – जान देके जले

छात्र ज्वाला बने – मंजिल करीब दिखे
शत्रु द्रोही मिले – चुनाव स्तर बने

लहू दौड़ने लगे – हात मुट्टी बने
राय शूले बने – जीत आसमान चुने

ऐ मेरा तेलंगाना – जागे रे जागे
ऐ मेरा तेलंगाना – थोड़े रे थोड़े

ऐ हमारा तेलंगाना – मारा रे मारा
ऐ हमारा तेलंगाना – बारा के बारा

Thanks Bharath for sharing
Dedicated to: All the foot soldiers of telangana movement.

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